सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत लेने से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी को सिर्फ इस आधार पर भ्रष्टाचार का दोषी नहीं ठहराया जा सकता कि किसी बिचौलिये को उसके नाम पर पैसे दिए गए थे। शिकायतकर्ता को यह अलग से साबित करना होगा कि बिचौलिया उस कर्मचारी के कहने पर या उसके फायदे के लिए काम कर रहा था, और रिश्वत की मांग खुद कर्मचारी ने ही की थी। RPF के पूर्व अधिकारी को सभी आरोपों से बरी किया कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में…
